लेखपाल परीक्षा कैसे पास करे

सभी अभ्यर्थियों को अपने करियर के लिए एक लक्ष्य निर्धारित रहता है, उसी के अनुरूप वह परीक्षा की तैयारी करते है, इस परीक्षा की तैयारी में वह  दिन-रात परिश्रम करते है, जॉब की कमी से प्रतिस्पर्धा अत्यधिक बढ़ गयी है, जिससे आजकल परीक्षा का स्तर बहुत ही कठिन हो गया है, परीक्षा में प्रश्न अत्यधिक कठिन होते जा रहे है, इसलिए सफलता प्राप्त करनें के लिए अधिक परिश्रम करनें की आवश्यकता है, यदि आप लेखपाल परीक्षा में सफलता प्राप्त करना चाहते है, तो इसके लिए एक योजना बनाने की आवश्यकता  है, और उस योजना के अनुसार परिश्रम करने की आवश्यकता है, आपका परिश्रम अनुशासनिक होना चाहिए, लेखपाल परीक्षा में सफलता कैसे प्राप्त करे ? इसके बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान कर रहे है |

लेखपाल परीक्षा की तैयारी

लेखपाल पद का वेतन बहुत आकर्षित करनें वाला है, जिससे इसमें अभ्यर्थियों की संख्या में निरंतर वृद्धि होती जा रही है, इसलिए परीक्षा के विषय में अभ्यर्थी को पूरी जानकारी होना आवश्यक है |

परीक्षा पैटर्न

परीक्षा देने से पूर्व अभ्यर्थी को परीक्षा पैटर्न के विषय में सम्पूर्ण जानकारी होनी चाहिए, उसी के अनुरूप आप अपनी परीक्षा की तैयारी आरंभ करे, पैटर्न में प्रश्न पत्र के विषय में जानकारी हो जाती है,  तथा उसके स्तर के विषय में भी जानकारी प्राप्त हो जाती है, इसलिए अभ्यर्थी को परीक्षा पैटर्न को भली-भांति समझ लेना चाहिए |

पाठ्यक्रम

किसी भी परीक्षा की तैयारी में पाठ्यक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, आपको अपनी तैयारी उन्ही विषयों का चुनाव करके करना चाहिये, पाठ्यक्रम के अंतर्गत कई विषयों को संयोजित किया जाता है, इन विषयों को आपको बारी- बारी से तैयारी करनी चाहिए, जो विषय आपको कठिन लगता हो, उसके लिए अधिक समय देना चाहिए और जो विषय सरल हो उन पर कम समय देना चाहिए, फिर भी आपको सरल विषयों के प्रति लापरवाही नहीं करनी चाहिए, पाठ्यक्रम के अनुसार आपको सभी बिंदुओं पर बराबर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि यहाँ पर आपके द्वारा की गयी एक गलती आपकी रैंक कम कर सकती है |

लेखपाल परीक्षा पास करनें हेतु महत्वपूर्ण टिप्स 

पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों को हल करना

लेखपाल परीक्षा की तैयारी के लिए पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों को हल करना आवश्यक है, जिससे आपको परीक्षा में आने वाले संभावित प्रश्नों के विषय में जानकारी हो जाएगी, क्योंकि परीक्षा में अधिकतर वही प्रश्न पूछ लिए जाते है, जो पहले परीक्षा में आ चुके है, इसलिए यदि आप इसको सही से हल कर लेते है, तो आपकी संभावित 20 से 30 प्रतिशत तैयारी हो जाती है, आपको लगभग 10 वर्षो  के प्रश्न पत्र को हल करना चाहिए, जब आप सारे प्रश्न पत्र हल कर लेंगे, तो आपका आत्मविश्वास बढ़ जायेगा, जो आपकी तैयारी में बहुत ही सहायता प्रदान करेगा |

आपको यह प्रश्न पत्र बिलकुल परीक्षा कक्ष की तरह देना चाहिए, जिससे आपको परीक्षा के समय होने वाली समस्याओं को समय रहते ही जान पाएंगे, जिससे उनको हल करने का पर्याप्त समय आपको मिल जायेगा, पिछले प्रश्न पत्रों को हल करने में समयावधि का विशेष ध्यान रखे, समयावधि से आपकी प्रश्नों को हल करने की स्पीड बढ़ती रहेगी, जिसका लाभ आपको मूल परीक्षा में अवश्य प्राप्त होगा |

स्टडी ब्रेक बीच–बीच में अवश्य ले  (Must take a study break)

पढ़ाई करते समय प्रत्येक 45 मिनट के बाद 10 मिनट का ब्रेक लेना चाहिए, जिससे आपको थकान नहीं महसूस होगी, ब्रेक लेने से आपको फ्रेशनेश का अहसास भी होगा, प्रत्येक 45 के बाद आपको अपना विषय बदल देना चाहिए, इससे आपको एक विषय में बोरियत नहीं लगेगी और इस तरह से आप अधिक समय तक पढ़ाई कर पाएंगे, जिससे आप सफलता आसानी से प्राप्त कर सकते है |

समय सारणी का प्रयोग

परीक्षा की तैयारी में आपको एक समय सारणी बनानी चाहिए और आपको उसी के अनुसार अपनी तैयारी करनी चाहिए, तैयारी करने में कभी भी बीच में अनुपस्थित न रहे, जिससे आपको समय की हानि होगी, समय सारणी का निर्माण करते समय प्रत्येक विषय के लिए पर्याप्त समय देना चाहिए, यदि आपको दिन में पढ़ना अच्छा लगता है, तो उसके हिसाब से बनाये और यदि रात में पढ़ना सही लगता है, तो उसी हिसाब से बनाये, समय का पालन सही से करे तभी आपको सफलता मिलेगी |

अनुशासन

परीक्षा की तैयारी में अनुशासन बहुत ही महत्व रखता है, जिसके बिना आप सफलता नहीं प्राप्त कर सकते है, अनुशासन ही सफलता की सीढ़ी है, जिस पर चल कर आप अपनी मंजिल को प्राप्त कर सकते है, अनुशासन के बिना आजतक कोई सफल नहीं हो पाया है, इसलिए आपके अंदर यह होना अनिवार्य है |

ग्रुप डिस्कशन (Group Discussion)

तैयारी के समय यदि आपको किसी विषय में समझ नहीं आ रहा है, तो आप अपनी समस्या का समाधान ग्रुपडिस्कशन(Group discussion) से प्राप्त कर सकते है, ग्रुप डिस्कशन में पढ़ाई करने से आपको दो लाभ होते है, सबसे पहला लाभ – आप ग्रुप डिस्कशन के माध्यम से किसी कठिन टॉपिक को भी आसानी से समझ सकते है और दूसरा यह कि आपका कॉन्फिडेंस लेवल भी बढ़ जायेगा, ग्रुप डिस्कशन में केवल तैयारी के विषय में ही चर्चा करे, अन्य कोई भी चर्चा न करे, ग्रुप डिस्कशन में किसी भी ऐसे मित्र को शामिल ना करे जो पढ़ाई करते समय अनावश्यक बात करे |

लक्ष्य निर्धारण

तैयारी करने में लक्ष्य का निर्धारण करना बहुत ही आवश्यक है, उसी से आपको सफलता प्राप्त करने में सहायता होगी, लक्ष्य के बिना आप सही दिशा में तैयारी नहीं कर पाएंगे, इसलिए लक्ष्य का निर्धारण करना अतिआवश्यक है |

प्रेरणा लेना

तैयारी के बीच-बीच में आपको किसी अच्छे व्यक्ति से इसके लिए प्रेरणा लेनी चाहिए, आप किसी अच्छी पुस्तक या वीडियो की सहायता ले सकते है, इससे आपकी तैयारी करने की स्पीड कम नहीं होगी वह बराबर बनी रहेगी और उत्साहित होने पर यह और अधिक बढ जाएगी |

अपनी तैयारी का आंकलन करना

आप द्वारा की गयी तैयारी का बीच-बीच में आंकलन करना भी आवश्यक है, आप मॉक टेस्ट देकर अपनी परीक्षा की तैयारी की जाँच कर सकते है, इससे आपको अपनी कमी की जानकारी प्राप्त होगी, जिससे आप उसमे सुधार कर सकते है, प्रत्येक सप्ताह के अंत में आपको एक मॉक टेस्ट में भाग लेना चाहिए, जिसका आयोजन मूल परीक्षा की तरह से होना चाहिए, इससे आपकी स्पीड और तैयारी में जो भी टॉपिक छूट रहे होंगे, उनकी सही से जानकारी हो जाएगी और आप सही से तैयारी कर पाएंगे |