UP Lekhpal Kaise Bane (उत्तर प्रदेश लेखपाल कैसे बने)

लेखपाल (Lekhpal) कैसे बने

भारत के सभी राज्यों में भूमि सम्बंधित कार्य के लिए Lekhpal पद का सृजन किया गया है, राज्यों में इस पद को कई नामों से जाना जाता है जैसे पटवारी, लेखपाल, कारनाम अधिकारी, शानबोगरु इत्यादि | यह पद अत्यंत महत्वपूर्ण है, इस पद पर रहते हुए व्यक्ति को शहरी क्षेत्र में प्लॉट और ग्रामीण क्षेत्र में खेत तथा घर की नाप-जोख और खसरा, खतौनी इत्यादि कार्यों को करना होता है, विवादित क्षेत्रों में लेखपाल स्वयं स्थान पर जाकर भूमि की नाप लेकर अपनी रिपोर्ट की आख्या प्रस्तुत करता है, उसी के अनुरूप आगे कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है, इस पद की गरिमा को समझते हुए ही सरकार द्वारा रिक्त पदों को भरने के लिए परीक्षा का आयोजन किया जाता है, यहाँ पर लेखपाल बनने के विषय में विस्तार पूर्वक बताया जा रहा है |

Lekhpal Kaise Bane

लेखपाल बनने के लिए आपको इंटरमीडियट अच्छे अंकों से उत्तीर्ण करना होगा इसके साथ ही आपको NIELIT से (कोर्स ऑन कंप्यूटर कॉनसेप्ट्स ) सीसीसी प्रमाण पत्र को प्राप्त करना होगा | आप इन सभी योग्यता के बाद लेखपाल के लिए आवेदन कर सकते है |

आवेदन

राज्य सरकार द्वारा समय- समय पर लेखपाल पदों के लिए विज्ञप्ति जारी की जाती है, आप इस विज्ञप्ति का अवलोकन करके आवेदन से सम्बंधित जानकारी प्राप्त कर सकते है | विज्ञप्ति में आवेदन शुरू होने की तिथि , आवेदन समाप्त होने की तिथि, परीक्षा पैटर्न, पाठ्यक्रम के बारे में विस्तार से बताया जाता है, आपको अपना आवेदन ऑनलाइन मोड से करना होगा |

परीक्षा

आप जब निर्धारित समय सीमा के अंदर आवदेन कर देते है, तो विभाग के द्वारा आपके आवेदन की जाँच की जाती है, आवदेन सही होने पर आपके लिए एडमिट कार्ड जारी किया जाता है, एडमिट कार्ड परीक्षा से दस दिन पूर्व जारी किया जाता है | आप इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते है | इसके बाद निर्धारित तिथि को विभाग के द्वारा परीक्षा आयोजित की जाती है | आपकी तैयारी अच्छी होगी तो आप परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकते है |

परीक्षा के बाद

परीक्षा आयोजित होने के बाद विभाग द्वारा आंसर की (Answer Key) जारी की जाती है, इससे आप परीक्षा में आये हुए प्रश्नों के उत्तर के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है, आंसर की से मिलान करने पर आप अपने अंकों के बारे में अवगत हो सकते है | इसके बाद निर्धारित तिथि को विभाग द्वारा परीक्षाफल घोषित किया जाता है | यदि आप परीक्षा में सफल हो जाते है, तो आपको आगे प्रक्रिया में सम्मिलित किया जाता अन्यथा आपको अनुत्तीर्ण घोषित कर के आप से सम्बंधित सभी प्रक्रियाओं को रोक दिया जाता है |

चयन प्रक्रिया

परीक्षा का परिणाम घोषित करने के पश्चात सफल अभ्यर्थियों की मेरिट अंकों के आरोही क्रम के अनुसार बनायीं जाती है | मेरिट में एक कट ऑफ निर्धारित किया जाता है, उस कट ऑफ के अंदर सभी अभ्यर्थियों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाता है | जिन अभ्यर्थियों के डॉक्यूमेंट सही पाए जाते है, उन्हें नियुक्ति पत्र जारी कर दिया जाता है | आप इस प्रकार लेखपाल बन सकते है |

परीक्षा की तैयारी कैसे करे ?

लेखपाल बनने के लिए आपको परीक्षा की तैयारी अच्छे से करनी होगी, तैयारी करने के लिए आपको इसके परीक्षा पैटर्न और पाठ्यक्रम को समझना होगा |

परीक्षा पैटर्न

लेखपाल के लिए 100 अंकों का प्रश्न पत्र निर्धारित किया गया है, जो इस प्रकार से है |

क्रम स०विषयअंकप्रश्नों की सं०
1.सामान्य हिंदी2525
2.गणित2525
3.सामान्य ज्ञान2525
4.गांव ग्राम समाज और विकास2525
कुल 100100

परीक्षा पाठ्यक्रम

सामान्य हिंदी
सामान्य हिंदी के अंतर्गत, अलंकार, विलोम, पर्यायवाची, रस, संधियों, तद्भाव समान, वचन, कारक, काल, लोकोक्तियां, मुहावरे, वाक्यांशों के लिए एक शब्द, अनेकार्थी शब्द वाक्य-संशोधन-वचन, वर्तनी, आदि से सम्बंधित प्रश्न पूछें जाते है |
गणित
गणित पाठ्यक्रम के अंतर्गत, आवृत्ति, आवृत्ति वितरण, सारणीकरण, संचयी आवृत्ति। तथ्यों का निर्धारण, बार चार्ट, पाई चार्ट, हिस्टोग्राम, आवृत्ति बहुभुज, केंद्रीय माप: समानांतर मीन, माध्य और मोड और बहुपद, संख्या प्रणाली, प्रतिशत, लाभ हानि, सांख्यिकी, तथ्यों का वर्गीकरण आदि के बारें में पूछा जाता है |

बीजगणित

एलसीएम और एचसीएफ के बीच संबंध, एलसीएम और एचसीएफ, समकालीन समीकरण, द्विघात समीकरण, कारक, क्षेत्र प्रमेय आदि के बारें में पूछा जाता है |

रेखागणित

आयत, स्क्वायर, ट्रैपेज़ियम, पेरेमिल्रोग्राम के परिधि और क्षेत्र, त्रिभुज और पाइथागोरस प्रमेय परिधि और सर्किल क्षेत्र आदि |

सामान्य ज्ञान
सामान्य विज्ञान

भारतीय इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन, भारतीय राजनीति और अर्थशास्त्र, विश्व भूगोल और जनसंख्या, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व के वर्तमान मामले, आदि के बारें में पूछा जाता है |

भारतीय इतिहास

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की प्रकृति और विशेषता के बारे में भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के अंतर्गत , राष्ट्रवाद के उदय, वित्तीय, सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक दलों के ज्ञान पर फोकस होगा |

विश्व भूगोल

सामान्य ज्ञान का भौतिक / पारिस्थितिकी विज्ञान, आर्थिक, सामाजिक, जनसांख्यिकीय मुद्दों के बारे में पूछा जाता है |

ग्राम समाज एवं विकास
ग्राम विकास अनुसंधान, ग्राम स्वास्थ्य योजनाओं, ग्राम समाज, ग्राम विकास भारत, ग्राम विकास कार्यक्रम और प्रबंधन विकास, ग्राम विकास आदि है |

परीक्षा योजना

  • परीक्षा में सफल होने के लिए आपको परीक्षा योजना अवश्य बनानी होगी | आपको 90 मिनट में 100 प्रश्न हल करने है, अगर आप तेजी के साथ प्रश्न को हल करेंगे तभी आप पूरा पेपर हल कर सकते है |
  • प्रश्न पत्र का जो भी भाग आपका सबसे मजबूत हो आपको वहीं से इसकी शुरुआत करनी होगी | जब आप प्रश्न पत्र हल कर रहे हो, उस समय आपको जो प्रश्न आ रहे हो वह करते जाये और जो प्रश्न न आ रहे हो उनकों तुरंत ही छोड़ते जाये | आपको किसी एक प्रश्न के लिए अधिक समय नष्ट नहीं करना होगा |
  • आपको गणित में सबसे अधिक समय लगेगा इसके लिए आपको गणित के भाग के लिए अधिक समय देना होगा यह भाग आपको सबसे बाद में करना चाहिए अन्यथा गणित के कारण आपके अन्य भाग छूट जायेंगे |
  • यहाँ पर विशेष ध्यान दे आपको अनुमान से प्रश्नों का उत्तर नहीं देना होगा अन्यथा नकारात्मक अंकन के कारण आपके सही अंकों से कटौती की जाएगी |
  • आपको पुराने प्रश्न पत्र को हल करना होगा, इससे आपको परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के विषय में जानकारी प्राप्त हो जाएगी |
  • तैयारी करने के लिए आपको इंटरनेट पर मॉक टेस्ट और यूट्यूब पर ऑनलाइन कोचिंग की सहायता लेनी होगी, इससे आपकी तैयारी बहुत अच्छी हो जाएगी |