यूपी पीसीएस सिलेबस 2020



UP Upper Subordinate Syllabus in Hindi

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा प्रतिवर्ष पीसीएस सेवा के लिए परीक्षा का आयोजन किया जाता है। इस परीक्षा के माध्यम से एसडीएम, डीएसपी, एआरटीओ, बीडीओ, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, असिस्टेंट कमिश्नर व्यापार कर सहित विभिन्न विभागों में उच्च पदों पर नियुक्तियां की जाती है | पीसीएस परीक्षा काफी कठिन होती है, जिसमें प्रतिवर्ष लाखो छात्र परीक्षा में सम्मिलित होते है, परन्तु सफलता सिर्फ कुछ छात्रों को मिलती है|

इस परीक्षा में सफलता प्राप्त करनें के लिए उचित रणनीति के साथ-साथ कठिन परिश्रम की आवश्यकता होती है| इसके साथ ही परीक्षा से सम्बंधित पाठ्यक्रम की समुचित जानकारी होनी चाहिए, क्योंकि समय-समय पर पाठ्यक्रम में संशोधन होता रहता है| आज हम आपको यूपी पीसीएस सिलेबस के बारें में विस्तार से जानकारी दे रहे है, जिसकी सहायता से आप परीक्षा में आसानी से सफलता प्राप्त कर सकते है|

यूपी पीसीएस नोटिफिकेशन

महत्वपूर्ण जानकारी

इस वर्ष कुछ महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है, जो इस प्रकार है-

  • पहली बार ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को 10% आरक्षण मिलेगा|
  • आयोग ने पहली बार पूरा विज्ञापन अंग्रेजी भाषा में जारी किया गया है|
  • मुख्य परीक्षा से अरबी, फारसी, सोशल वर्क, डिफेंस और कृषि अभियांत्रिकी को हटा दिया है अर्थात् पहले मुख्य परीक्षा में 33 विषय होते थे, जो अब घटकर 28 रह जाएँगे|
  • मुख्य परीक्षा के लिए पहले रिक्त पदों के सापेक्ष 18 गुना अभ्यर्थियों को सफल किया जाता था, लेकिन अब 13 गुना अभ्यर्थी ही मुख्य परीक्षा में शामिल होंगे|
  • साक्षात्कार में भी तीन की बजाय दो गुना अभ्यर्थियों को अवसर दिया जाएगा|

यूपी पीसीएस सिलेबस 2020

यूपीपीसीएस (UPPSC) परीक्षा में तीन चरणों में होती हैं-

(1) प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam)

(2) मुख्य परीक्षा (Main Exam)

(3) साक्षात्कार (Interview)

1.प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam)          

यह प्रारंभिक परीक्षा होती है, इस परीक्षा के अंतर्गत 2 पेपर होते है, जो 200+200 अंक के होते है, अर्थात कुल 400 अंक के प्रश्न पूछे जाते है| इन दोनों पेपर में प्रश्न मल्टीप्ल चॉइस और ऑब्जेक्टिव टाइप के पूछे जाते है| पेपर 2 सिर्फ Qualifying Paper है, जिसमे आपके कम से कम 33% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है|  

प्रश्न पत्र-1 : सामान्य अध्ययन परीक्षा पाठ्यक्रम (GS Syllabus)

पेपर 1- यह कुल 200 अंको का होता है, इसमें आपसे 150 सवाल पूछे जाते है, और इसकी समय सीमा 2 घंटे होती है|

पेपर 1 में इन विषयों से सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते है-

  • राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की वर्तमान घटनाएँ
  • भारत और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का इतिहास
  • भारत और विश्व का भूगोल: प्राकृतिक, सामाजिक और आर्थिक भूगोल
  • भारतीय राजनीति और प्रशासन: संविधान, राजनीतिक प्रणाली, पंचायती राज, लोक नीति, अधिकारों के मुद्दे
  • आर्थिक और सामाजिक विकास: सतत विकास गरीबी समावेशन, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र की पहल आदि
  • पर्यावरण पारिस्थितिकी, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन पर ज्वलंत मुद्दे
  • सामान्य विज्ञान

प्रश्न पत्र- 2 : सामान्य अध्ययन-2

पेपर 2- यह कुल 200 मार्क्स का होता है, इसमें आपसे 100 सवाल पूछे जाते है, और 2 घंटे की समय सीमा होती है|

  • बोधगम्यता (Comprehension Skills)
  • पारस्परिक कौशल व संचार कौशल (Interpersonal skills including communication skills)
  • तार्किक शक्ति और विश्लेषणात्मक क्षमता (Logical reasoning and analytical ability)
  • निर्णय लेने और समस्या को सुलझाने की क्षमता (Decision making and problem solving)
  • सामान्य मानसिक योग्यता (General Mental Ability)
  • प्रारंभिक गणित के अंकगणित , बीजगणित, ज्यामिति और सांख्यिकी (कक्षा 10 लेवल)
  • सामान्य अंग्रेजी (कक्षा 10 लेवल)
  • सामान्य हिंदी (कक्षा 10 लेवल)

2.मुख्य परीक्षा (Main Exam)

प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करनें वाले परीक्षार्थी को मुख्य परीक्षा में सम्मिलित किया जाता है| पहले मुख्य परीक्षा में दो पेपर सामान्य अध्ययन के होते थे, संशोधन के बाद अब सामान्य अध्ययन के चार पेपर होंगे|  GS Paper 1, GS Paper 2, GS Paper 3, GS Paper 4. प्रत्येक प्रश्न पत्र के 200 अंक होंगे यानी दूसरे शब्दों में कहा जाए तो सामान्य पेपर के टोटल मार्क्स 200+200+200+200 = 800 MARKS होंगे|

  • हिंदी और निबंध के पेपर में कोई संशोधन नहीं किया गया है, उनके अंक यथावत् 150-150 ही रहेंगे|
  • वर्ष 2018 के पहले मेंस परीक्षा में  दो वैकल्पिक विषय होते थे, लेकिन पीसीएस 2018 परीक्षा में मेंस में सिर्फ एक वैकल्पिक विषय कर दिया गया जो 2019 में भी लागू रहेगा| वर्ष 2018 के पहले दो वैकल्पिक पेपर के मार्क्स 400+400 थे| अब 2019 में एक वैकल्पिक विषय का ही चयन करना है, तो वैकल्पिक विषय का टोटल मार्क्स 400 अंक का होगा|
  • इस प्रकार चयन प्रक्रिया के कुल अंक = 1600 Marks (800 GS + 300 HinEng + 400 OS + 100 INT)

मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम

1.यूपी पीसीएस सामान्य अध्ययन पेपर -1 (200 अंक )

  • भारतीय संस्कृति के इतिहास में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के प्रारूप, साहित्य एवं वास्तुकला के महत्त्वपूर्ण पहलू|
  • स्वतंत्रता संग्राम – इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्त्वपूर्ण व्यक्तियों का नाम तथा उनका योगदान|
  • स्वतंत्रता प्राप्त करनें के बाद देश के अन्दर एकीकरण और पुनर्गठन (1965 ई. तक)|
  • विश्व के इतिहास में 18वीं सदी से 20वीं सदी के मध्य तक की घटनाएँ जैसे फ़्रांसिसी क्रांति 1789, औद्योगिक क्रान्ति, विश्व युद्ध, राजनीतिक दर्शन शास्त्र जैसे साम्यवाद, पूँजीवाद, समाजवाद, नाजीवाद, राष्ट्रीय सीमाओं का पुनः सीमांकन, उपनिवेशवाद की समाप्ति, फ़ासीवाद इत्यादि के रूप और समाज पर उनके प्रभाव इत्यादि शामिल होंगे|
  • भारतीय समाज और संस्कृति की मुख्य विशेषताएँ|
  • महिलाओं एवं महिला-संगठनों की समाज में भूमिका, जनसंख्या तथा सम्बद्ध समस्याएँ, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके रक्षोपाय|
  • उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण का अभिप्राय और उनका भारतीय समाज की अर्थव्यवस्था, राज्यव्यवस्था और समाज संरचना पर प्रभाव|
  • सामाजिकसशक्तिकरण, साम्प्रदायिकता, क्षेत्रवाद और धर्मनिरपेक्षता|
  • विश्व के प्रमुख प्राकृतिक संसाधनों का वितरण – जल, मिट्टियाँ एवं वन, दक्षिण एवं दक्षिण पूर्व एशिया में (भारत के विशेष संदर्भ में)|
  • आधुनिक भारतीय इतिहास (1757 ई – 1947 ई तक) – महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व एवं समस्याएँ इत्यादि
  • भौतिक भूगोल की प्रमुख विशिष्टताएँ – भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखी क्रियाएँ, चक्रवात, समुद्री जल धाराएँ, पवन एवं हिम सरिताएँ|
  • भारत के सामुद्रिक संसाधन एवं उनकी संभाव्यता|
  • मानव प्रयास – विश्व की शरणार्थी समस्या (भारत-उपमहाद्वीप के सन्दर्भ में)|
  • सीमान्त एवं सीमाएँ – भारत उपमहाद्वीप के सन्दर्भ में|
  • जनसंख्या एवं अधिवास – प्रकार एवं प्रतिरूप, नगरीकरण, स्मार्ट नगर एवं स्मार्ट ग्राम|
  • यूपी का विशेष ज्ञान – इतिहास, संस्कृति, कला, साहित्य, वास्तुकला, त्यौहार, लोक-नृत्य साहित्य, प्रादेशिक भाषाएँ, धरोहरें, सामाजिक रीति-रिवाज एवं पर्यटन.
  • यूपी का विशेष ज्ञान – भूगोल, मानव एवं प्राकृतिक संसाधन, जलवायु, मिट्टियाँ, वन-वन्य जीव, खदान और खनिज, सिंचाई के स्रोत|

2.यूपी पीसीएस सामान्य अध्ययन पेपर -2 (200 अंक )  

  • भारतीय संविधान – संविधान के आधारभूत प्रावधानों के विकास में उच्चतम न्यायालय की भूमिका, संविधान का ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान तथा आधारभूत संरचना|
  • संघ एवं राज्यों के कार्य तथा उत्तरदायित्व, संघीय ढाँचे से सम्बंधित विश्व एवं चुनौतियाँ, स्थानीय स्तर पर शक्तियों और वित्त का हस्तांतरण और उसकी चुनौतियाँ|
  • केंद्र – राज्य वित्तीय संबंधों में वित्त आयोग की भूमिका|
  • शक्तियों का पृथक्करण, विवाद निवारण तंत्र तथा संस्थाएँ. वैकल्पिक विवाद निवारण तंत्रों का उदय एवं उनका प्रयोग|
  • भारतीय संवैधानिक योजना की अन्य प्रमुख लोकतान्त्रिक देशों से तुलना|
  • संसद एवं राज्य विधायिका – संरचना, संगठन और कार्य-सञ्चालन, शक्तियों एवं विशेषाधिकार तथा सम्बंधित विषय|
  • कार्यपालिका और न्यापालिका की संरचना, संगठन एवं कार्य  – सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में भूमिका. जनहित वाद (PIL)|
  • लोकतंत्र में उभरती हुई प्रवृत्तियों के संदर्भ में सिविल सेवाओं की भूमिका|
  • भारत एवं अपने पड़ोसी देशों से उसके सम्बन्ध|
  • द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से सम्बंधित और/अथवा भारत के हितों k प्रभावित करने वाले करार|
  • भारत के हितों एवं अप्रवासी भारतीयों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव|
  • महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएँ और मंच – उनकी संरचना, अधिदेश तथा उनका कार्य भाग|
  • उ.प्र. के राजनैतिक, प्रशासनिक, राजस्व एवं न्यायिक व्यवस्थाओं की विशिष्ट जानकारी|
  • क्षेत्रीय, प्रांतीय, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व के समसामयिक घटनाक्रम|
  • जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की मुख्य विशेषताएँ|
  • विभिन्न संवैधानिक पदों पर नियुक्ति, शक्तियों, कार्य तथा उनके उत्तरदायित्व|
  • सांविधिक, विनिमयामक और विभिन्न अर्ध-न्यायिक निकाय, नीति आयोग समेत – उनकी विशेषताएँ एवं कार्यभाग|
  • सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप, उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय एवं सूचना संचार प्रौद्योगिकी (ICT)|
  • स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से सम्बंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास एवं प्रबंधन से सम्बंधित विषय|
  • गरीबी और भूख से सम्बंधित विषय एवं राजनैतिक व्यवस्था के लिए इनका निहितार्थ|

3.यूपी पीसीएस सामान्य अध्ययन पेपर -3 (200 अंक )

  • भारत में खाद्य प्रसंस्करण व सम्बंधित उद्योग – कार्यक्षेत्र एवं महत्त्व, स्थान निर्धारण, उर्ध्व व अधोप्रवाह आवश्यकताएँ, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन|
  • भारत में स्वतंत्रता के बाद भूमि सुधार|
  • भारत में वैश्वीकरण तथा उदारीकरण के प्रभाव, औद्योगिकी नीति में परिवर्तन तथा इनके औद्योगिक संवृद्धि पर प्रभाव|
  • आधारभूत संरचना : ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन तथा रेलवे आदि|
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी – विकास एवं अनुप्रयोग (दैनिक जीवन एवं राष्ट्रीय सुरक्षा में, भारत की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति)|
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ, प्रौद्योगिकी का देशजीकरण. नवीन प्रौद्योगिकियों का विकास, प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण, द्विअनुप्रयोगी एवं क्रांतिक अनुप्रयोग प्रौद्योगिकियाँ|
  • सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, अन्तरिक्ष प्रौद्योगिकी, कंप्यूटर, ऊर्जा स्रोतों, नैनो प्रौद्योगिकी, सूक्ष्म जीव विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में जागरूकता. बौद्धिक संपदा अधिकारों एवं डिजिटल अधिकारों से सम्बंधित मुद्दे|
  • भारत में आर्थिक नियोजन, उद्देश्य एवं उपलब्धियाँ, नीति आयोग की भूमिका|
  • गरीबी के मुद्दे, बेरोजगारी, सामाजिक न्याय एवं समावेशी संवृद्धि|
  • सरकार के बजट के अवयव तथा वित्तीय प्रणाली|
  • प्रमुख फसलें, विभिन्न प्रकार की सिंचाई विधि एवं सिंचाई प्रणाली, कृषि उत्पाद का भण्डारण, ढुलाई एवं विपणन, किसानों की सहायता के लिए ई-तकनीकी|
  • अप्रत्यक्ष एवं प्रत्यक्ष कृषि सहायकी तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से जुड़े मुद्दे, सार्वजनिक वितरण प्रणाली – उद्देश्य, क्रियान्वयन, परिसीमाएँ, सुदृढ़ीकरण खाद्य सुरक्षा एवं बफर भण्डार, कृषि सम्बंधित तकनीकी अभियान टेक्नोलॉजी मिशन|
  • यूपी के आर्थिक परिदृश्य का विशिष्ट ज्ञान- उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का सामान्य विवरण, राज्य के बजट, कृषि, उद्योग, आधारभूत संरचना एवं भौतिक संसाधनों का महत्त्व| मानव संसाधन एवं कौशल विकास, सरकार के कार्यक्रम एवं कल्याणकारी योजनाएँ|
  • कृषि, बागवानी, वानिकी एवं पशुपालन के मुद्दे|
  • उत्तर प्रदेश के विशेष सन्दर्भ में कानून एवं व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा
  • अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियाँ : आणुविक प्रसार के मुद्दे, अतिवाद के कारण तथा प्रसार, संचार तन्त्र, मीडिया की भूमिका तथा सामाजिक तंत्रीयता, साइबर सुरक्षा के आधार, मनी लाउंडरिंग तथा मानव तस्करी.
  • भारत की आन्तरिक सुरक्षा चुनौतियाँ : आतंकवाद, भ्रष्टाचार, प्रतिविद्रोह तथा संगठित अपराध|
  • सुरक्षा बलों की भूमिका, प्रकार तथा शासनाधिकार, भारत का उच्च रक्षा संगठन|

4.यूपी पीसीएस सामान्य अध्ययन पेपर -4 (200 अंक )

1.लोक प्रशासनों में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्र

स्थिति तथा समस्याएँ, सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक सरोकार तथा दुविधाएँ, नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, नियमन तथा अंतर्रात्मा, जवाबदेही तथा नैतिक शासन व्यवस्था में नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण, अंतर्राष्ट्रीय संबंधों तथा निधि व्यवस्था (funding) में नैतिक मुद्दे, कॉर्पोरेट शासन व्यवस्था|

2.शासन व्यवस्था में ईमानदारी

लोक सेवा की अवधारणा, शासन व्यवस्था और ईमानदारी का दार्शनिक आधार, सरकार में सूचना का आदान-प्रदान और पारदर्शिता, सूचना का अधिकार, नीतिपरक आचार संहिता, आचरण संहिता, नागरिक घोषणा पत्र, कार्य संस्कृति, सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता, लोक-निधि का उपयोग, भ्रष्टाचार की चुनौतियाँ|

3.अभिवृत्ति

अंतर्वस्तु (content), संरचना, कार्य, विचार तथा आचरण के परिप्रेक्ष्य में इसका प्रभाव एवं सम्बन्ध, नैतिक और राजनीतिक अभिरुचि, सामाजिक प्रभाव और सहमति पैदा करना| सिविल सेवा के लिए अभिरुचि तथा बुनियादी मूल्य, सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता तथा गैर-तरफदारी, वस्तुनिष्ठता, सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण भाव, कमजोर वर्गों के प्रति सहानुभूति, सहिष्णुता तथा करुणा|

4.सवेंगात्मक बुद्धि

अवधाराणाएँ तथा आयाम, प्रशासन और शासन व्यवस्था में उनकी उपयोगिता और प्रयोग. भारत तथा विश्व के नैतिक विचारकों तथा दार्शनिकों का योगदान|

यूपी पीसीएस पेपर -5 निबंध  (3 घंटे)

निबंध के प्रश्नपत्र में तीन सेक्शन रहेंगे| परीक्षार्थी को हर सेक्शन से एक टॉपिक को चुनना है, उन्हें हर टॉपिक पर निबंध 700 शब्दों में लिखना है| प्रत्येक खंड 50 – 50 अंकों का होगा, तीनों सेक्शन में जो टॉपिक होंगे वे निम्नलिखित क्षेत्र से सम्बंधित रहेंगे:—

Section A-  

  • साहित्य और संस्कृति
  • सामाजिक क्षेत्र
  • राजनीतिक क्षेत्र

Section B-

  • विज्ञान, पर्यावरण और प्रौद्योगिकी
  • आर्थिक क्षेत्र
  • कृषि, उद्द्योग और व्यापार

Section C:-

  • राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटना
  • प्राकृतिक आपदा– लैंड स्लाइड, भूकंप, बाढ़ , सूखा आदि
  • राष्ट्रीय विकास कार्यक्रम और परियोजनाएँ|

यूपी पीसीएस सामान्य हिंदी पेपर-6  (3 घंटे)

1.दिए हुए गद्य खंड का अवबोध (Comprehension) और प्रश्नोत्तर

2.संक्षेपण (Precise Writing)

3.सरकारी एवं अर्धसरकारी पत्र लेखन, तार लेखन, कार्यालय आदेश, अधिसूचना, परिपत्र

4.शब्द ज्ञान एवं प्रयोग —

  • उपसर्ग एवं प्रत्यय प्रयोग
  • विलोम शब्द
  • वाक्यांश के लिए एकशब्द
  • वर्तनी एवं वाक्य शुद्धि
  • लोकोक्ति एवं मुहावर

वैकल्पिक विषयों की सूची

यूपी पीसीएस मुख्य परीक्षा में 1 पेपर आपको वैकल्पिक विषय के रूप में लेना होगा, जिसकी सूची इस प्रकार है –

  • इतिहास (History)
  • सामाजिक कार्य (Social Work)
  • मानवशास्त्र (Anthropology)
  • सिविल इंजीनियरिंग (Civil Engineering)
  • मैकेनिकल इंजीनियरिंग (Mechanical Engineering)
  • इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (Electrical Engineering)
  • वाणिज्य एवं लेखा (Commerce & Accountancy)
  • लोक प्रशासन (Public Administration)
  • कृषि इंजीनियरिंग (Agricultural Engineering)
  • रक्षा अध्ययन (Defence Studies)
  • चिकित्सा विज्ञान (Medical Science)
  • भूगोल (Geography)
  • अर्थशास्त्र (Economics)
  • सामाजिक विज्ञान (Sociology)
  • दर्शनशास्त्र (Philosophy)
  • भूगर्भशास्त्र (Geology)
  • मनोविज्ञान (Psychology)
  • वनस्पति विज्ञान (Botany)
  • कानून (Law)
  • पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विज्ञान (Animal Husbandry & Veterinary Science)
  • सांख्यिकी (Statistics)
  • प्रबंधन (Management)
  • कृषि (Agriculture)
  • जीव विज्ञान (Zoology)
  • रसायन विज्ञान (Chemistry)
  • भौतिकी (Physics)
  • गणित (Mathematics)

3.साक्षात्कार (Interview)

मुख्य परीक्षा में सफल होनें के बाद परीक्षार्थी को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है| लोक सेवा आयोग की परीक्षा में साक्षात्कार  200 अंकों के स्थान पर 100 अंक का कर दिया गया है| साक्षात्कार में आपसे किसी विषय पर आपके विचार, विपरीत परिस्थितियों में आपके निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व क्षमता का आकलन किया जाता है। साक्षात्कार में सामान्यतयः वर्तमान में घटित घटनाओं के बारे में पूछा जाता है| कहनें का आशय यहाँ है, कि साक्षात्कार में अभ्यर्थी के व्यक्तित्व का परीक्षण किया जाता है जिसमें विभिन्न विषयों और सामान्य ज्ञान से संबंधित प्रश्न पूछे जाते है| साक्षात्कार में अभ्यर्थी को अपना आत्मविश्वास बनाये रखना चाहिये और पूछे जाने वाले किसी भी प्रश्न का उत्तर स्पष्ट रूप से देना चाहिये।


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